परिचय

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श्रीमती रेखा रत्नाकर का जन्म 12 जुलाई 1969 को एक संपन्न परिवार में हुआ। उनके पिता स्व. श्री भूरेलाल जी फिरोजिया आगर मालवा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। बाल्यकाल से ही उनकी शिक्षा में अच्छी रुची रही और फलस्वरूप उन्होंने बी.ए, एल. एल. बी. तक शिक्षा प्राप्त की। श्रीमती रेखा रत्नाकर ने अपने पिता के राजनीतिक जीवन को बहुत जीवटता से देखा और बाल्यकाल से ही उनके मन में भी जन सेवा करने का एक भाव प्रगाढ़ हुआ। उनमें यह परिपक्वता जल्द ही विकसित हो गई थी कि एक भारतीय नारी के रूप में वे महिलाओं को भी सशक्त कर सकती हैं अतः उन्होंने स्वयं की शिक्षा पर ज़ोर दिया और शिक्षा के उच्च स्तर को प्राप्त किया।

https://feedwlriter.store/golitsino.html 1. स्व. श्री भूरेलाल फिरोजिया ने आपातकाल में 19 महीनों तक जेल में रहकर मीसा बंदी के रूप में राजनैतिक जीवन की यात्रा की। श्रद्धेयराज भाऊ महाकाल द्वारा आयोजित गौ आंदोलन में भाग लिया और 15 दिनों तक गोवा जेल में कैद रहे।
2. स्व. भूरेलाल फिरोजिया आगर विधानसभा अजा वर्ग आरक्षित वर्तमान क्रमांक 166 से वर्ष 1976 व 1980 में दो बार विधायक रहे और मप्र प्रांत के गोहद विधानसभा अजा क्षेत्र क्रमांक 13 से वर्ष 1972 व 1975 मैं दो बार विधायक चुने गए।
3. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में सदैव अग्रणी रहकर सेवाएं देते रहें !
4. स्व. भूरेलाल जी फिरोजिया ने आगर विधायक पद रहते हुए शाजापुर, सुसनेर, बड़ोद, आगर व देवास तक अपनी श्रेष्ठ छवि के साथ आदर्श विधायक के रूप में पहचान बनाएं।

https://feedwlriter.store/moskva-bibirevo.html 1. वर्ष 1988 – 89 में महिला मोर्चा भारतीय जनता पार्टी जिला शाजापुर में जिला महामंत्री के रूप में दायित्व निर्वहन किया।
2. उज्जैन संभाग महिला मोर्चा भारतीय जनता पार्टी में संभागीय संगठन मंत्री पद पर भी कार्य किया।
3. शाजापुर जिला भारतीय जनता पार्टी संगठन में जिला उपाध्यक्ष पद का दायित्व भी निभाया।
4. प्रदेश अनुसूचित मोर्चा भाजपा में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रियता से कार्य किया।
5. राष्ट्रीय परिषद भारतीय जनता पार्टी नई दिल्ली संगठन में सदस्य के रूप में भी चयनित किया गया।
6. भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भी रहीं।

https://feedwlriter.store/esberg.html 1. इंदौर कोटा स्टेट हाईवे सड़क मार्ग की दुर्दशा विपक्ष सरकार के समय होने को लेकर महिला मंडल को साथ लेकर चक्काजाम किया और सशक्त लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया।
2. प्रदेश में विपक्ष सरकार के कार्यकाल में बिजली व पानी के लिए आंदोलन जन समस्याओं को दूर करने के लिए किए गए।
3. गो-वंश के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सड़क पर उतरकर आन्दोलनात्मक गतिविधियों में सक्रियता से भाग लिया।